म्यूनिख़ के पूर्व मेयर, डीटर रीटर, पर सरकारी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। उन पर आरोप है कि मेयर पद पर रहते हुए उन्होंने एफसी बायर्न में एक सवेतन पद स्वीकार किया था। अब, ऊपरी बावरिया सरकार द्वारा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जा सकती है। यह मामला रीटर के कार्यकाल के दौरान हितों के टकराव से संबंधित है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो रीटर को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं। रीटर ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।