पूर्व मोसाद प्रमुख योसी कोहेन ने कहा है कि ईरान का शासन इज़राइल राज्य को नष्ट करने की विचारधारा से प्रेरित है। उनका मानना है कि वर्तमान युद्ध ने अस्थायी रूप से ईरान से उत्पन्न खतरे को कम किया है, लेकिन यह कमी स्थायी नहीं है। कोहेन ने ईरान की दीर्घकालिक नीतियों पर चिंता व्यक्त की है, और इस बात पर जोर दिया है कि ईरान का अंतिम लक्ष्य इज़राइल का विनाश है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं अभी भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई हैं। कोहेन के अनुसार, ईरान की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं और आतंकवादी समूहों का समर्थन भी चिंता का विषय हैं। उनका आकलन है कि ईरान के खतरे को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए निरंतर निगरानी और मजबूत निवारक उपायों की आवश्यकता है। यह बयान ईरान और इज़राइल के बीच तनावपूर्ण संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
