पूर्व मंत्री उमर सोउ ने राष्ट्रपति बासिरू डायोमाये फये की राजनीतिक नीतियों की कड़ी आलोचना की है। सोउ का कहना है कि सेनेगल के लोगों ने चुनावों के माध्यम से अतीत की राजनीतिक प्रथाओं से बदलाव की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि लोगों ने 'राजनीतिक पुनर्चक्रण' नहीं, बल्कि बदलाव के लिए मतदान किया है। सोउ 'राजनीतिक ट्रांसह्यूमन्स' (हारने वाले राजनेताओं को वापस लाना) को लेकर चिंतित हैं, उनका मानना ​​है कि यह चुनाव परिणामों को दरकिनार करने का संदेश देता है। उनका तर्क है कि इससे नागरिकों का संस्थानों में विश्वास कम हो सकता है और राजनीतिक मोहभंग बढ़ सकता है। सोउ ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में लोगों की पसंद का सम्मान किया जाना चाहिए और हारे हुए राजनेताओं को जिम्मेदारी में लौटने के बजाय आत्म-विश्लेषण करना चाहिए। उनका मानना ​​है कि सेनेगल के लोगों द्वारा अपेक्षित बदलाव केवल नेतृत्व में बदलाव नहीं है, बल्कि शासन के तौर-तरीकों में बदलाव है।