पूर्व सैन्य सचिव ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया है कि नेतान्याहू के कार्यालय में प्रोटोकॉल में बदलाव किए गए थे। उन्होंने 7 अक्टूबर के हमले से पहले के घंटों और हमले के बाद की स्थिति पर भी बात की। उनका कहना है कि प्रोटोकॉल इकट्ठा करने का काम युद्ध के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ सुरक्षात्मक उपायों के लिए की गई सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया गया था। ये खुलासे इस्राइल की सुरक्षा तैयारियों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इस मामले में आगे जांच की जा सकती है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव का पता चल सके। यह घटनाक्रम इस्राइल के राजनीतिक और सुरक्षा प्रतिष्ठान में हलचल पैदा कर सकता है।