लार्स फाइंडसेन, जो पहले पुलिस खुफिया एजेंसी के प्रमुख थे, ने तीस वर्षों तक क्रिश्चियनस्बोर्ग में एक सिविल सेवक के रूप में काम किया। उन्होंने ‘अजौर’ कार्यक्रम में बताया कि जब कोई नया मंत्री पहली बार मंत्रालय में प्रवेश करता है तो पर्दे के पीछे क्या होता है। फाइंडसेन ने बताया कि कैसे वे छह मंत्रियों को उनके पदों पर संभालने में मदद करते थे। उन्होंने मंत्रालय के अंदर होने वाले शुरुआती घंटों की प्रक्रियाओं का खुलासा किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने शुरुआत के समय के मुकाबले सिविल सेवक व्यवस्था में क्या बदलाव देखे हैं। यह जानकारी डेनमार्क की राजनीतिक प्रक्रिया और सरकारी कामकाज पर प्रकाश डालती है।