राष्ट्रीय सांस्कृतिक कोष के पूर्व उपाध्यक्ष, बुस बालाज़, को अदालत ने एक महीने के लिए गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने बयान दिया है कि उन्होंने कभी भी किसी आपराधिक गतिविधि में भाग नहीं लिया। यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और आगे की जानकारी प्रतीक्षित है। बुस बालाज़ ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है और अपना निर्दोष होने का दावा किया है। अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन गिरफ्तारी का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस मामले से जुड़े अधिकारी फिलहाल कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। आगे की कानूनी कार्यवाही की प्रतीक्षा है।
