पूर्व मंत्री निकोलस ग्राऊ ने कहा है कि अर्थव्यवस्था मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित प्रतिस्पर्धा कानून उरुग्वे के लोगों के लिए आयातित वस्तुओं की लागत को कम करेगा। ग्राऊ ने सरकार के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह परियोजना "अव्यवस्था को बढ़ावा देने" के बजाय, "बेहतर विनियमन" से संबंधित है। उनका मानना ​​है कि यह कानून व्यवसायों के लिए लागत कम करने और बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धा लाने में मदद करेगा। इस कानून का उद्देश्य उरुग्वे की अर्थव्यवस्था को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाना है। यह कदम उरुग्वे के उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए फायदेमंद होने की उम्मीद है। ग्राऊ के अनुसार, यह कानून आयात पर निर्भरता को कम करने में भी मदद कर सकता है।