नाइजीरिया के पूर्व राजदूत येमी फारौन्बी ने देश की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि नाइजीरिया एक अस्तित्व संकट का सामना कर रहा है और धीरे-धीरे एकदलीय शासन की ओर बढ़ रहा है। फारौन्बी, जिन्होंने फिलीपींस और कंबोडिया में नाइजीरियाई राजदूत के रूप में कार्य किया, ने देश में राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से लोकतांत्रिक संस्थानों के कमजोर होने और राजनीतिक शक्ति के केंद्रीकरण पर जोर दिया। उनका आकलन है कि यदि तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो नाइजीरिया की एकता और स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। यह बयान वanguard news में प्रकाशित एक साक्षात्कार के दौरान दिया गया था।
