विदेशी और अरब निवेशकों ने सरकारी ऋण उपकरणों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। रिपोर्ट के अनुसार, इन निवेशकों द्वारा कुल 443 मिलियन डॉलर की शुद्ध बिक्री दर्ज की गई है। यह कदम बाजार में बदलती आर्थिक स्थितियों और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। सरकारी ऋण पत्रों में इस गिरावट का सीधा असर देश की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है। निवेशकों द्वारा पूंजी निकालना आर्थिक अस्थिरता का संकेत हो सकता है। इस प्रवृत्ति पर विशेषज्ञों द्वारा करीब से नजर रखी जा रही है। यह डेटा अर्थव्यवस्था के वर्तमान स्वास्थ्य और विदेशी विश्वास की स्थिति को स्पष्ट करता है।