यूक्रेन के मानवाधिकार ओमबड्समैन के अनुसार, रूस के लिए लड़ने वाले 51 विभिन्न देशों के लड़ाके अब यूक्रेन में बंदी हैं। यह संख्या मई में घोषित 48 देशों के आंकड़े से अधिक है। मॉस्को द्वारा विदेशी सैनिकों की भर्ती का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण यह वृद्धि हुई है। यूक्रेन सरकार इन विदेशी लड़ाकों को शत्रुतापूर्ण बल मानती है और उन्हें कैद करके रखती है। यह जानकारी रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध में विदेशी लड़ाकों के इस्तेमाल की सीमा को उजागर करती है। यूक्रेन का कहना है कि ये लड़ाके रूसी सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित थे, लेकिन अब वे यूक्रेनी हिरासत में हैं। इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी लड़ाकों की भूमिका और युद्ध में उनकी भागीदारी पर सवाल उठ रहे हैं।