स्वीडन में एक पाठक ने सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की है कि फ़ुटबॉल के अंग्रेज़ी भाषी कोच के बयानों का स्वीडिश मीडिया में अनुवाद नहीं किया जा रहा है। उनका तर्क है कि सभी श्रोता अंग्रेज़ी समझने में सक्षम नहीं होते हैं और इसलिए कोच के संदेश को समझने में कठिनाई हो सकती है। लेखक ने विशेष रूप से स्वीडिश रेडियो से पूछा है कि क्या वे उन श्रोताओं की संख्या पर विचार करते हैं जिन्हें अंग्रेज़ी समझने में परेशानी होती है। उनका मानना है कि अनुवाद से यह सुनिश्चित होगा कि कोच की बात सभी तक पहुंचे। यह मुद्दा मीडिया में भाषा की पहुंच और समावेशिता से जुड़ा है। अनुवाद न करने से कुछ दर्शकों को महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित किया जा सकता है। इस मामले पर बहस छिड़ सकती है कि मीडिया को किस हद तक अनुवाद प्रदान करना चाहिए।
