खेल जगत में लोकतांत्रिक मूल्यों की कमी एक वैश्विक समस्या बन गई है। कुछ लोगों का मानना है कि फुटबॉल व्यावसायिक हितों से प्रभावित है। लेखक निकलास राडस्ट्रॉम का तर्क है कि फुटबॉल को निराशावादी दृष्टिकोण और राजनीतिक दबाव से ऊपर उठना चाहिए। वे आगामी विश्व कप में खेल भावना और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं। उनका मानना है कि खेल को स्वतंत्र रूप से फलना-फूलना चाहिए। राडस्ट्रॉम का उद्देश्य खेल में सकारात्मकता और निष्पक्षता को प्रोत्साहित करना है। वे खेल को व्यावसायिक और राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने का आग्रह करते हैं।