फुटबॉल कोच लुईस दे ला फुएंते का मानना है कि उनकी सफलता का मूल उनके बचपन और पारिवारिक मूल्यों में निहित है। उन्होंने अपनी नई आत्मकथा 'ला विदा से एंट्रेना कादा दिया' में अपने जीवन के अनुभवों और दर्शन को साझा किया है। उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा सभी के साथ अच्छा व्यवहार करने, किसी को दुख न पहुंचाने और सबके करीब रहने के लिए प्रेरित किया। यही मूल्य उन्होंने अपने जीवन और करियर में अपनाए हैं। यह आत्मकथा उनके जीवन के सफर और फुटबॉल के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। फुएंते का मानना है कि जीवन एक सतत प्रशिक्षण है, और हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर बनने का अवसर मिलता है। उनकी कहानी प्रेरणादायक है, जो बताती है कि कैसे मजबूत नैतिक आधार सफलता की नींव बन सकता है।