फ़ुटबॉल के दो प्रमुख निकायों ने फ़ीफ़ा अध्यक्ष जियानी इन्फ़ैन्टिनो की विफल निजीकरण योजना के बाद उन पर तीखी आलोचना की है। यह प्रतिक्रिया इन्फ़ैन्टिनो के एक विवादास्पद प्रस्ताव के बाद आई है, जिसे फुटबॉल जगत में व्यापक रूप से अस्वीकार कर दिया गया था। इन निकायों ने इन्फ़ैन्टिनो पर महत्वपूर्ण गलतियाँ करने का आरोप लगाया है और उनकी निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इस आलोचना को इन्फ़ैन्टिनो के नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह घटनाक्रम फ़ुटबॉल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को और बढ़ाएगा। फ़ुटबॉल जगत में सुधारों की आवश्यकता पर भी यह प्रकाश डालता है। उम्मीद है कि फ़ीफ़ा इस मामले पर विचार करेगा और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए कदम उठाएगा।