नई दिल्ली में किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि पुदीने के स्वाद वाली ई-सिगरेटें शरीर पर निकोटीन के प्रभावों को बढ़ा सकती हैं। शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला जानवरों पर किए गए प्रयोगों में यह निष्कर्ष निकाला कि मेंथॉल निकोटीन के प्रभावों की अवधि और तीव्रता दोनों को बढ़ाता है। यह खोज सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखती है, खासकर उन लोगों के लिए जो ई-सिगरेट को पारंपरिक सिगरेट के सुरक्षित विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि मेंथॉल की उपस्थिति निकोटीन की लत लगने की संभावना को बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि ई-सिगरेट उत्पादों में मेंथॉल के उपयोग पर अधिक विनियमन की आवश्यकता है। यह अध्ययन एथेंस में प्रकाशित हुआ था और इसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। आगे की जांच की आवश्यकता है ताकि यह समझा जा सके कि मानव शरीर पर इन प्रभावों का क्या अर्थ है।