मत्स्य वैज्ञानिक और पैट्रस विश्वविद्यालय के डॉक्टरेट शोधार्थी यानिस जियोवोस का कहना है कि मछुआरों को दी जाने वाली सब्सिडी केवल एक अस्थायी उपाय है और यह समस्या के मूल कारण का समाधान नहीं करती है। उनका मानना है कि यह एक 'आतंकपूर्ण स्थिति' है, जिसका तात्पर्य है कि स्थिति गंभीर है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। जियोवोस के अनुसार, सब्सिडी मछुआरों को तत्काल राहत तो प्रदान करती है, लेकिन यह मछली पकड़ने की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित नहीं करती। वे इस बात पर जोर देते हैं कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इस दृष्टिकोण में मछली पकड़ने की नीतियों में बदलाव, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण और मछली के स्टॉक के प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजनाएं शामिल हो सकती हैं। विशेषज्ञ का यह बयान मछली पकड़ने वाले समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों और स्थायी समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।