यूक्रेन के पूर्व मंत्री मिहाइलो फ़ेदोरोव का मानना है कि वे केवल अपने पुराने पद पर रहकर ही युद्ध के परिणाम को प्रभावी ढंग से प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वर्तमान में उनकी प्रभावशीलता सीमित है। फ़ेदोरोव ने ज़ेलेंस्की के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और उनकी वापसी से युद्ध रणनीति में बदलाव आ सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन रूसी आक्रमण का सामना कर रहा है। इस संभावित वापसी से यूक्रेनी सरकार के भीतर शक्ति संतुलन में भी बदलाव आ सकता है। फ़ेदोरोव के समर्थकों का मानना है कि उनके अनुभव और विशेषज्ञता युद्ध के दौरान अमूल्य साबित होंगे। यह देखना बाकी है कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की उनकी वापसी पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।