एक युवक को शनिवार को काम करने से इनकार करने के कारण बर्खास्त कर दिया गया था। उसने इस बर्खास्तगी को प्रतिशोधात्मक बताते हुए अदालत में चुनौती दी। अदालत ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाया है और उसे बहाल करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, अदालत ने कंपनी को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का भी आदेश दिया है। यह मामला श्रम कानूनों और कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रकाश डालता है। अदालत का यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल है जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आते हैं। इस निर्णय से कंपनियों को भी कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान करने का संदेश मिलता है।