रूसी बंदरगाहों पर पिछले कुछ दशकों में आने वाले फ़िनलैंड के नाविकों को रिश्वतखोरी और कड़ी जांच के लिए तैयार रहना पड़ता था। नाविकों को अक्सर शराब की बड़ी मात्रा में ले जानी पड़ती थी ताकि रूसी अधिकारियों को रिश्वत दी जा सके। कुछ मामलों में, पैसे को शरीर पर, जैसे कि जांघों पर टेप से चिपका कर भी ले जाया जाता था। यह प्रक्रिया रूसी सीमा रक्षकों द्वारा की जाने वाली गहन जांच से बचने के लिए अपनाई जाती थी। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह रिश्वतखोरी रूसी बंदरगाहों पर सामान्य थी और फ़िनलैंड के नाविकों के लिए एक नियमित चुनौती बन गई थी। यह स्थिति रूसी अधिकारियों द्वारा लगाए गए सख्त नियमों और भ्रष्टाचार के कारण उत्पन्न हुई थी। इस प्रथा से नाविकों को परेशानी होती थी, लेकिन वे रूसी बंदरगाहों पर सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए इसे आवश्यक मानते थे।
