फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने सुरक्षा खतरों के लिए रूस को दोषी ठहराया, जिसमें सेउटा (Ceuta) में प्रवासी संकट भी शामिल था। बाद में उन्होंने अपने दावे से पीछे हट गए। यह बयान नाटो (NATO) प्रमुख की रणनीति के समान है। स्टब ने यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में यह टिप्पणी की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल रूस पर सीधा आरोप लगाना नहीं था। यह घटना फिनलैंड और रूस के बीच तनावपूर्ण संबंधों को दर्शाती है, खासकर यूक्रेन संघर्ष के बीच। इस मामले पर RT.com पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।