फिनलैंड के जमसा शहर के एक पादरी, आरी मैकेला, अपने हालिया बयानों के कारण फिर से विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने एक धार्मिक शिविर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की प्रशंसा की, विशेष रूप से ट्रांस समुदाय के प्रति उनकी नीतियों का समर्थन किया। मैकेला का तर्क है कि ट्रम्प प्रशासन ट्रांस लोगों के लिए चिकित्सा उपचार को सीमित करके बच्चों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने बाइबिल के सिद्धांतों का हवाला देते हुए अपने विचारों को सही ठहराया है। इस बयान से शिविर में मौजूद युवा परेशान हैं और एक युवा के परिवार ने इस मुद्दे को सार्वजनिक किया है। पादरी का कहना है कि जब कोई झूठ नहीं बोलता, तो उसे यह सोचने की ज़रूरत नहीं होती कि क्या कहना है, जो उनके विवादास्पद विचारों को और भी उजागर करता है। यह घटना फिनलैंड में धार्मिक और सामाजिक बहस को जन्म दे रही है।
