फिनलैंड की कंपनी डोनट लैब्स द्वारा विकसित ठोस-अवस्था बैटरी को लेकर संदेह बढ़ता जा रहा है। प्रारंभिक उत्साह के बावजूद, परीक्षणों में विरोधाभास सामने आए हैं और कंपनी ने अपनी शुरुआती प्रतिबद्धताओं में बदलाव किया है। डोनट लैब्स के पीछे छिपे एक रहस्यमय आविष्कारक की भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी द्वारा किए गए दावों की गहन जांच की आवश्यकता है। बैटरी तकनीक के क्षेत्र में यह विकास महत्वपूर्ण है, क्योंकि ठोस-अवस्था बैटरी को सुरक्षित और अधिक कुशल माना जाता है। फिलहाल, डोनट लैब्स की तकनीक की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस मामले में आगे की जांच से ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
