गिनी में काम करने गए फिनलैंड के नागरिक रिचर्ड परहम को जनवरी 2025 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें 100 दिनों तक जेल में बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा, जहाँ हालात बेहद खराब थे। परहम के अनुसार, इस अपराध के लिए गिनी में कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें मृत्युदंड भी शामिल है। हालांकि, उन्हें अंततः रिहा कर दिया गया, लेकिन यह अनुभव उनके लिए बेहद कठिन रहा। इस घटना ने विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परहम ने अपनी रिहाई के बाद इस भयावह अनुभव के बारे में बताया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।