हन्नू सालमेला ने एक साल के लिए एक ऐसे स्थान पर एकांतवास किया जहाँ बाहरी दुनिया से संपर्क प्रतिबंधित था। इस एकांतवास के बाद, उन्होंने अपने जीवन पर नियंत्रण खो दिया है, और अब वे अपनी ज़िन्दगी के फैसले खुद नहीं लेते। वे अब अपना पुराना नाम भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। हल्सिंकी के क्रूनुहाका इलाके में स्थित उनका निवास स्थान बाहर से सामान्य दिखता है, लेकिन एक विशेष बजर बताता है कि यह एक साधारण इमारत नहीं है। यह कहानी एक व्यक्ति के जीवन में आए बड़े बदलाव और आत्म-खोज की यात्रा को दर्शाती है। यह व्यक्ति अपनी पिछली पहचान से दूर एक नया जीवन जीने का प्रयास कर रहा है।