फिनलैंड की आंतरिक मंत्री मारी रान्टानन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़े तालिबान शासन के साथ संवाद स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को वापस भेजना है। वर्तमान में, फिनलैंड में ऐसे दस से कम अफगान नागरिक हैं जिनकी वापसी का इंतज़ार है। मंत्री का यह कदम विवादों से घिरा हुआ है, क्योंकि कई लोग तालिबान शासन के साथ किसी भी प्रकार के संपर्क को उचित नहीं मानते। आलोचकों का कहना है कि तालिबान के मानवाधिकार रिकॉर्ड को देखते हुए, वापसी सुरक्षित नहीं हो सकती। हालांकि, फिनलैंड सरकार का तर्क है कि यह कदम कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है। इस मुद्दे पर फिनलैंड में राजनीतिक बहस जारी है। यह नीति यूरोपीय संघ के अन्य देशों के लिए भी मिसाल कायम कर सकती है।
