फ़िनलैंड की संसद ने देश में परमाणु हथियारों पर लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंध को हटाने के लिए भारी बहुमत से मतदान किया। 125 सांसदों ने पक्ष में और 61 सांसदों ने विपक्ष में वोट दिया, जिससे हेलसिंकी के रुख में एक बड़ा बदलाव आया है। यह निर्णय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उत्पन्न सुरक्षा माहौल के मद्देनज़र लिया गया है। फ़िनलैंड का मानना है कि परमाणु हथियारों की मौजूदगी उसकी सुरक्षा के लिए ज़रूरी हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि फ़िनलैंड स्वयं परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, बल्कि उन्हें तैनात करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। इस कदम से फ़िनलैंड की विदेश और सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय बाल्टिक सागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है।