फ़िनलैंड की संसद ने एक ऐसे कानून को मंज़ूरी दी है जो देश में परमाणु हथियारों के आयात को संभव बनाता है। सरकार का कहना है कि यह कदम नाटो के परमाणु निवारक क्षमता को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका तर्क है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है और फ़िनलैंड की तटस्थता की नीति कमजोर हो सकती है। यह कानून फ़िनलैंड को नाटो के सदस्य देशों के साथ परमाणु हथियारों के साझा अभ्यास करने की भी अनुमति देगा। सरकार का कहना है कि यह कदम फ़िनलैंड की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, जबकि विपक्ष इसे अनावश्यक जोखिम मानता है। इस फैसले से फ़िनलैंड की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
