चांखारपुल विश्वविद्यालय नामक फिल्म आज से सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। यह फिल्म देश के शिक्षा संस्थानों में व्याप्त राजनीतिक माहौल और विभिन्न विसंगतियों को दर्शाती है। फिल्म निर्माताओं का कहना है कि यह फिल्म एक विश्वविद्यालय के कड़वे अनुभवों पर आधारित है। यह कहानी चांखारपुल विश्वविद्यालय के जीवन को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा प्रणाली और राजनीति के बीच संघर्ष को उजागर किया गया है। फिल्म का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालना है। यह फिल्म छात्रों और शिक्षाविदों के बीच चर्चा का विषय बन सकती है। फिल्म में विश्वविद्यालय के अंदर की राजनीति और छात्रों के जीवन की वास्तविकताओं को दिखाने का प्रयास किया गया है।