फर्नांडो मिरेस ने 'जीवन और मृत्यु' शीर्षक से एक फिल्म समीक्षा लिखी है। इस समीक्षा में, लेखक का तर्क है कि कुछ फिल्में बच्चों के लिए अनुपयुक्त होती हैं, उसी तरह कुछ फिल्में उन लोगों के लिए भी अनुपयुक्त हो सकती हैं जो जीवन के अंतिम चरण में हैं। मिरेस का मानना है कि यह उनकी अपनी गलती है कि उन्होंने एक विशेष फिल्म देखी, जिसका नाम उन्होंने स्पष्ट रूप से नहीं बताया है। समीक्षा 'टैल्कुअल' नामक प्रकाशन में प्रकाशित हुई है। यह फिल्म देखने के बाद लेखक की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और विचारों पर केंद्रित है। यह समीक्षा जीवन, मृत्यु और कला के प्रभाव जैसे विषयों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म की पहचान स्पष्ट नहीं होने के बावजूद, समीक्षा दर्शकों को अपनी फिल्म देखने की पसंद पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
