फीफा ने विश्व स्तर पर मिली नकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद निजी निवेश की अपनी योजना को वापस ले लिया है। यह निर्णय कोन्मेबोल (दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल परिसंघ) और यूरोप, एशिया, और उत्तरी, मध्य अमेरिका तथा कैरेबियाई क्षेत्रों के परिसंघों के विरोध के बाद आया है। इन परिसंघों ने इस प्रस्तावित योजना पर अपनी असहमति व्यक्त की थी। फीफा की यह योजना फुटबॉल में निजी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन व्यापक आलोचना के कारण इसे रद्द करना पड़ा। इस कदम से फुटबॉल जगत में वित्तीय संरचना पर बहस छिड़ सकती है। फीफा अब भविष्य में फुटबॉल के विकास के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करेगा। इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि फीफा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदायों की चिंताओं को गंभीरता से लेता है।