फीफा ने फुटबॉल खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन पर लगे निलंबन को अस्थायी रूप से हटा दिया है, जिससे वे बेल्जियम के खिलाफ आगामी मैच में खेल सकेंगे। यह निर्णय विश्व कप के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना है, क्योंकि 1970 में मेक्सिको में कार्ड प्रणाली शुरू होने के बाद पहली बार किसी निलंबित खिलाड़ी को अगले मैच में खेलने की अनुमति मिली है। बालोगुन को पहले एक मैच के लिए निष्कासित किया गया था, लेकिन फीफा ने इस फैसले को पलट दिया है। इस फैसले से फुटबॉल जगत में हैरानी है और नियमों की व्याख्या पर बहस छिड़ सकती है। फीफा ने अभी तक इस फैसले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह खेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह घटना भविष्य में इसी तरह के मामलों में मिसाल कायम कर सकती है।