फीफा ने अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है, जिससे यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूएफा) ने हैरानी जताई है। यूएफा ने फीफा के इस फैसले को ‘असमझनीय’ बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। यूएफा का कहना है कि फीफा ने एक ‘लाल रेखा’ पार कर दी है। यह निर्णय फुटबॉल जगत में विवाद पैदा कर सकता है, क्योंकि यह खिलाड़ियों की पात्रता और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े सवालों को उठाता है। यूएफा और फीफा के बीच इस मुद्दे पर तनाव बढ़ने की संभावना है। बालोगुन, जो अमेरिका के लिए खेलते हैं, अब अंतरराष्ट्रीय मैचों में भाग ले सकेंगे। इस फैसले से अमेरिकी फुटबॉल टीम को भी फायदा होगा।

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