फीफा द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुष और महिला कोचों के प्रमुख व्यक्तित्व लक्षणों में लगभग कोई अंतर नहीं है। सफलता की दरों में जो अंतर दिखाई देता है, वह महत्वाकांक्षा के स्तर से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। यह निष्कर्ष एक पीएचडी शोध के निष्कर्षों के अनुरूप है, जो इसी तरह के नतीजे सामने लाया था। अध्ययन में पाया गया कि उच्च महत्वाकांक्षा वाले कोच, चाहे पुरुष हों या महिला, अधिक सफलता प्राप्त करते हैं। इस शोध से खेल जगत में लैंगिक समानता और कोचिंग में सफलता के कारकों पर नई रोशनी पड़ती है। यह दर्शाता है कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प, लिंग की परवाह किए बिना, सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह निष्कर्ष खेल संगठनों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है जो कोचिंग स्टाफ की भर्ती और विकास के लिए काम कर रहे हैं।

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