फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो पर यूरोप से बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अटकलें हैं कि वह अंततः झुक जाएंगे, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो स्थिति क्या होगी यह सवाल बना हुआ है। इन्फैंटिनो पर यूरोपीय फुटबॉल संघों द्वारा आगे की कार्रवाई करने का दबाव है, जिसके परिणामस्वरूप टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन्फैंटिनो इस दबाव का जवाब कैसे देते हैं और फीफा के भविष्य के लिए इसके क्या परिणाम होंगे। यह मामला वैश्विक फुटबॉल प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है। इन्फैंटिनो के निर्णय से फीफा और यूरोपीय फुटबॉल संघों के बीच संबंध प्रभावित होंगे। यह स्थिति फुटबॉल जगत में गहन अनिश्चितता पैदा कर रही है।