फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो पर फुटबॉल को निवेशकों को बेचने के प्रयास का आरोप लगा है, जिससे संगठन के भीतर भारी विवाद उत्पन्न हो गया है। रिकॉर्ड तोड़ राजस्व उत्पन्न करने वाले विश्व कप के बाद, इन्फेंटिनो तीसरे कार्यकाल के लिए तैयार थे, लेकिन यह खुलासा उनके भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा सकता है। यह आरोप है कि उन्होंने फुटबॉल के व्यवसायीकरण को आगे बढ़ाया, जिससे खेल प्रेमियों और अधिकारियों में आक्रोश फैल गया है। इस फैसले से फीफा के भीतर एक तरह की ‘गृहयुद्ध’ की स्थिति बन गई है। संभावना है कि इन्फेंटिनो अगले चुनाव तक अपने पद पर बने रहने में संघर्ष कर सकते हैं। यह विवाद फीफा की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, इन्फेंटिनो के नेतृत्व पर अब करीबी नजर रखी जा रही है।