पूर्व इंग्लैंड डिफेंडर गैरी नेविल ने फीफा को ‘तानाशाही’ करार दिया है। उन्होंने स्विट्जरलैंड और क़तर के बीच हुए मुकाबले में विवादास्पद ऑफसाइड निर्णय के दौरान इस्तेमाल की गई सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक के रीप्ले को न दिखाने पर फीफा की आलोचना की। नेविल का मानना है कि फीफा ने क़तर की ऐतिहासिक जीत को छीन लिया। यह घटना विश्व कप के दौरान लिए गए फैसलों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने फीफा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी गंभीर संदेह जताया है। इस निर्णय से क़तर के समर्थकों में निराशा है, जबकि स्विट्जरलैंड के लिए यह राहत की बात है। नेविल ने इस मामले में फीफा की जवाबदेही पर ज़ोर दिया है।