फ़ीफ़ा पेनल्टी शूटआउट की प्रक्रिया को सरल बनाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में, टीम को मैदान का चुनाव और पहली किक लेने का अधिकार, दोनों के लिए अलग-अलग टॉस करना पड़ता है। प्रस्तावित बदलाव के तहत, एक ही टॉस से या तो मैदान का चुनाव किया जाएगा या पहली किक लेने का अधिकार प्राप्त होगा, दोनों नहीं। इससे प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो सकता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकता है। फ़ीफ़ा का यह कदम पेनल्टी शूटआउट को और अधिक निष्पक्ष और कुशल बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। यह बदलाव नॉकआउट चरण शुरू होने से पहले लागू किया जा सकता है। इस बदलाव से खेल के परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
