फीफा ने 2026 विश्व कप क्वालीफायर मैच में जर्मनी और कुराकाओ के बीच हुए मुकाबले में विवादास्पद इशारा करने वाले रेफरी शॉन इवांस का समर्थन किया है। रेफरी पर ‘श्वेत वर्चस्व’ का प्रतीक बनाने का आरोप लगा था, जिसके बाद उनकी इस हरकत को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। फीफा ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि रेफरी के इशारे को गलत समझा गया है और यह किसी भी तरह से नस्लवादी या भेदभावपूर्ण नहीं था। हालांकि, फीफा ने इस मामले की गहन जांच जारी रखने की घोषणा की है ताकि सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। रेफरी इवांस ने अपने इशारे के पीछे का कारण स्पष्ट किया है, लेकिन उनकी व्याख्या को लेकर अभी भी संदेह बना हुआ है। इस घटना ने फुटबॉल जगत में नस्लवाद और भेदभाव के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।
