उत्तरी गोलार्ध में गर्मियों के आगमन के साथ ही भीषण आग का खतरा बढ़ गया है। फ्रांस में भीषण लू के कारण पहले ही दर्जनों आग की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। साल 2025 के एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने एक चौंकाने वाले विरोधाभास को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले बीस वर्षों में दुनिया भर में जलने वाले भू-क्षेत्र में एक चौथाई की कमी आई है। हालांकि, इसके विपरीत आग से होने वाली मौतों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। भूगोलवेत्ता पॉलीन विलेन-कार्लॉटी ने अपनी नई पुस्तक 'एल'एप्रेवे डु फ्यू' में इस विरोधाभास पर विस्तार से प्रकाश डाला है। यह अध्ययन हमें पृथ्वी पर रहने और पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाने के नए तरीकों पर सोचने के लिए प्रेरित करता है।
