स्वीडिश समाचार पत्र 'आftonbladet' की एक जांच में 'बेबी जर्नी' नामक सरोगेसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पता चला है कि कंपनी ने संभावित माता-पिता को गलत जानकारी दी और उन पर भावनात्मक दबाव डाला। कंपनी पर यूक्रेन में सरोगेसी प्रक्रिया में शामिल महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करने का भी आरोप है। 'बेबी जर्नी' के संस्थापक, फोर्नी ने उन लोगों के प्रति खेद व्यक्त किया है जिन्हें इस प्रक्रिया से नुकसान पहुंचा है, लेकिन आरोपों से इनकार किया है। जांच में उजागर हुआ है कि सरोगेसी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैतिक मानकों की कमी थी। इस मामले ने स्वीडन में सरोगेसी पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय सरोगेसी समझौतों से जुड़े नैतिक मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। सरकार इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए नियमों को सख्त करने पर विचार कर रही है।