प्रसिद्ध नारीवादी लेखिका और कार्यकर्ता ग्लोरिया स्टीनम का निधन हो गया है। वह 1960 के दशक के अंत से ही नारीवादी आंदोलन में सक्रिय थीं और कई पीढ़ियों की महिलाओं को प्रेरित किया। स्टीनम ने महिलाओं के अधिकारों के लिए अथक प्रयास किया और उनके लेखन ने सामाजिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका काम लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी मृत्यु से नारीवादी समुदाय में गहरा शोक है, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। स्टीनम की विचारधारा और कार्य आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। वह एक सशक्त आवाज थीं जिन्होंने महिलाओं को अपनी पहचान और अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।