चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाली महिला डॉक्टरों ने अस्पतालों, क्लिनिकों और सम्मेलनों में होने वाले यौन उत्पीड़न और भेदभाव के बारे में चौंकाने वाले अनुभव साझा किए हैं। इसमें अवांछित टिप्पणियां, शारीरिक संपर्क और बहिष्करण शामिल हैं। पीड़ितों का कहना है कि वर्तमान प्रणाली में इस तरह के व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना बेहद मुश्किल है। कई बार, वरिष्ठ डॉक्टरों और संस्थागत संस्कृति के कारण शिकायत करने पर नकारात्मक परिणाम भुगतने का डर होता है। यह समस्या महिला डॉक्टरों के करियर और मरीजों की देखभाल पर भी असर डालती है। इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करते हुए, विशेषज्ञों ने कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण बनाने और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। लैंगिक समानता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की मांग की जा रही है।