अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा है कि यदि अगस्त के महीने में मुद्रास्फीति में कमी का रुझान जारी रहता है, तो वे सितंबर में ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन करेंगे। वॉलर ने मुद्रास्फीति के दबाव में कमी के संकेत दिए हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक डेटा पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। यह बयान अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फेडरल रिजर्व की नीतियों का इन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वॉलर के इस रुख से संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने से हिचकिचा सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।