ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट के कारण बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बीच, अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार कई महीनों से ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का निर्णय है। फेडरल रिजर्व का यह कदम वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक भविष्य में आर्थिक स्थिति का आकलन करने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और ईरान युद्ध के कारण अमेरिका में महंगाई दर बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। फेडरल रिजर्व का लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना है, लेकिन मंदी के खतरे को भी ध्यान में रखना है। इस निर्णय से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।