एफबीआई प्रमुख कश पटेल की मॉस्को की यात्रा ने संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोगियों के बीच अविश्वास पैदा कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि पटेल की यात्रा से खुफिया जानकारी साझा करने की अमेरिकी नीति पर सवाल उठ रहे हैं। खबरों के अनुसार, सहयोगी देश अब अमेरिका को संवेदनशील जानकारी देने में हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि यह जानकारी लापरवाह या स्वार्थी हाथों में जा सकती है। इस घटना से अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में दरार आ सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि यह यात्रा अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की विश्वसनीयता पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। यह स्पष्ट है कि विदेश नीति के मामले में सावधानी और गोपनीयता की आवश्यकता है, जिसे पटेल की यात्रा ने नज़रअंदाज़ कर दिया।