बर्लिन के बोर्कार्ड्ट रेस्तरां में 'एफ.ए.जेड.' (Frankfurter Allgemeine Zeitung) का एक विशेष आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच संवाद को बढ़ावा देना था। 'एफ.ए.जेड.' के अनुसार, वे लोग-के-लिए-लोगों की पत्रकारिता करते हैं, जिसका अर्थ है कि उनका लेखन मानवीय दृष्टिकोण पर केंद्रित होता है। आयोजन में बुद्धिजीवियों और पत्रकारों ने भाग लिया, और यह एक सफल शाम साबित हुई। यह आयोजन मानवीय बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता का उत्सव था। गर्मजोशी भरे माहौल में विचारों का आदान-प्रदान हुआ। 'एफ.ए.जेड.' का यह प्रयास पत्रकारिता में मानवीय मूल्यों के महत्व को दर्शाता है।