एक व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उसने एक ऐसे पिता के बारे में पुलिस को सूचित किया था जो अपनी बेटियों को महिलाओं के शौचालय में ले गया था। घटना के बाद, कंपनी ने उस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया जिसने पुलिस को बुलाया था। कंपनी का कहना है कि कर्मचारी ने कंपनी की नीति का उल्लंघन किया और सार्वजनिक रूप से नकारात्मक प्रचार किया। इस मामले ने गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को जन्म दिया है। कुछ लोगों का तर्क है कि कर्मचारी ने सही काम किया और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। वहीं, कंपनी का कहना है कि इस मामले को आंतरिक रूप से संभाला जाना चाहिए था। यह घटना सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है, जिसमें कार्यस्थल पर नीतियों और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं।