इस फादर्स डे पर, जोसेफ सिन्नप्पन अपने बेटे सोसामैनीक्कम की यादों को संजो रहे हैं। सोसामैनीक्कम का 2018 में असामयिक निधन हो गया था, जिससे उनका देशसेवा का सपना अधूरा रह गया। जोसेफ अपने बेटे के बलिदान और उसके अधूरे सपनों को याद करते हुए भावुक हैं। सोसामैनीक्कम देश की सेवा करने के लिए उत्सुक थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह घटना उनके परिवार के लिए एक गहरा आघात थी, जिससे वे आज भी उबर रहे हैं। जोसेफ का यह स्मरण हमें उन शहीदों को याद दिलाता है जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।