इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) के अनुसार, यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम तेज़ ड्रोन, रूस को मिसाइल हमलों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति दे रहे हैं। ये ड्रोन, जिन्हें ‘गेरन’ कहा जाता है, यूक्रेन के बचाव को तोड़ने में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। ISW का अनुमान है कि रूस अपनी सर्दियों की रणनीति में इसी तरह के हमलों को जारी रखेगा, जिसका लक्ष्य यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना होगा। तेज़ ड्रोन के उपयोग से, रूस अब अधिक सटीक और केंद्रित मिसाइल हमलों को अंजाम दे सकता है। इससे यूक्रेन के लिए अपने महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधनों की रक्षा करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। यह बदलाव यूक्रेन के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है, क्योंकि ऊर्जा अवसंरचना पर हमले सर्दियों में व्यापक कठिनाई पैदा कर सकते हैं।