प्ल्झेन्स्क क्षेत्र के एक गाँव में लगभग 90 साल पहले एक चौंकाने वाली घटना हुई। एक किसान की हत्या महज पचास कोरुना (स्थानीय मुद्रा) के लिए की गई थी। पुलिस ने शुरू में एक एकाकी किसान को संदिग्ध माना और उसे गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, जांच में पता चला कि असली हत्यारा शोकसभा में शामिल लोगों के बीच ही छिपा हुआ था। यह मामला लूट और हत्या के सबसे गंभीर अपराधों में से एक है, जहाँ मामूली रकम के लिए भी जान ले ली जाती है। यह घटना दर्शाती है कि अपराध किसी भी स्तर पर घटित हो सकता है और जांच में सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इस मामले ने उस समय समाज में सनसनी फैला दी थी।